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बिहार का औद्योगिक उत्थान:नीतीश के नेतृत्व में रोजगार क्रांति, युवाओं के सपने साकार

निझषाद ने अभिमान से स्मरण किया कि 2015-16 में तत्कालीन केंद्रीय वित्त मंत्री दिवंगत अरुण जेटली ने बिहार के राजस्व संग्रह ढांचे को देशव्यापी मिसाल ठहराया था तथा बाकी प्रांतों को इससे सबक लेने का सुझाव दिया था। तब बिहार कर एकत्रीकरण में राष्ट्र के सभी क्षेत्रों से श्रेष्ठ था, जो नीतीश कुमार के दूरगामी शासन व संरचनात्मक परिष्कारों का स्पष्ट प्रमाण था। वर्तमान में बिहार उसी तेजी व अडिग इच्छाशक्ति के साथ उन्नति यात्रा पर बढ़ रहा है। नीतीश की कमान वाली सत्ता उत्पादन इकाइयों की स्थापना, मूलभूत सुविधाओं की मजबूती, दक्षता संवर्धन व पूंजी आकर्षण पर लगातार कार्यरत है, जिससे प्रदेश उत्पादनिक उन्नति की शिखर ऊंचाइयों को गले लगाएगा।

प्रशांत कुमार प्रणय की रिपोर्ट

पटना, 23 नवंबर 2025
प्रशांत कुमार प्रणय

जद(यू) के राज्य प्रवक्ता अरविंद निषाद ने प्रेस वक्तव्य में उल्लेख किया कि बिहारवासियों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दक्ष निर्देशन पर फिर से दृढ़ आस्था प्रकट की है, जो प्रदेश को उन्नत व सामर्थ्यवान बनाने की ओर क्रांतिकारी चरण साबित होगा। दिल्ली में पीएम नरेंद्र मोदी व बिहार में नीतीश कुमार की एकजुट निष्ठा से उत्पादनिक परिवर्तन का सुनहरा युग आरंभ हो चुका है, जिसके परिणामस्वरूप ताजा कारखाने विकसित होंगे तथा युव पीढ़ी के लिए अनगिनत संभावनाएं जन्म लेंगी।

निषाद ने अभिमान से स्मरण किया कि 2015-16 में तत्कालीन केंद्रीय वित्त मंत्री दिवंगत अरुण जेटली ने बिहार के राजस्व संग्रह ढांचे को देशव्यापी मिसाल ठहराया था तथा बाकी प्रांतों को इससे सबक लेने का सुझाव दिया था। तब बिहार कर एकत्रीकरण में राष्ट्र के सभी क्षेत्रों से श्रेष्ठ था, जो नीतीश कुमार के दूरगामी शासन व संरचनात्मक परिष्कारों का स्पष्ट प्रमाण था। वर्तमान में बिहार उसी तेजी व अडिग इच्छाशक्ति के साथ उन्नति यात्रा पर बढ़ रहा है। नीतीश की कमान वाली सत्ता उत्पादन इकाइयों की स्थापना, मूलभूत सुविधाओं की मजबूती, दक्षता संवर्धन व पूंजी आकर्षण पर लगातार कार्यरत है, जिससे प्रदेश उत्पादनिक उन्नति की शिखर ऊंचाइयों को गले लगाएगा।

यह संक्रमण केवल स्वप्न नहीं, बल्कि वेगपूर्ण रूप से फलित हो रहा ठोस कल्पना है, जहां हर निवासी की संलिप्तता व फायदा निश्चित होगा। नवीन ‘बिहार उत्पादनिक निवेश प्रेरणा योजना-2025’ (बीआईपीपीपी-2025) इसका जीता-जागता उदाहरण है, जो 40 करोड़ तक व्याज सहायता, 300 प्रतिशत जीएसटी वापसी, 30 प्रतिशत मूलधन सहायता व निर्यात उत्साह प्रदान करती है। 100 करोड़ निवेश धारक इकाइयों को 10 एकड़ मुफ्त जमीन तथा 1000 करोड़ वाली को 25 एकड़ भूमि नि:शुल्क प्राप्त होगी। फॉर्च्यून 500 समूह जैसे माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, अमेजन, एपल व एनवीडिया सूचना प्रौद्योगिकी, आईटीईएस, आंकड़ा भंडार व चिप निर्माण क्षेत्रों में पूंजी प्रवाह को लुभाएंगे। दक्षता उन्नयन, प्रकृति रक्षा, सौर ऊर्जा व मुहर शुल्क वापसी जैसे कदम युवाओं को स्वावलंबी घड़ेंगे।

उद्योग प्रमुख डॉ. दिलीप जायसवाल के सुपरविजन में सात दिनों में कार्ययोजना बनेगी, जिसमें प्रत्येक जिले में समूह-केंद्रित ढांचा, कृषि-उत्पादन, वस्त्र, खाद्य संरक्षण व विद्युत उपकरणों को वरीयता मिलेगी। पटना, दरभंगा, मधुबनी, औरंगाबाद, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर, गया व सहरसा में 16 ताजा इकाइयां खड़ी होंगी, जो 777 नौकरियां रचेंगी। बाहर प्रवास ह्रास व स्वदेशी निर्माण पर बल से बिहार पूर्वांचल का प्रमुख वैज्ञानिक केंद्र उभरेगा। निषाद ने कहा कि उन्नति, संभावनाएं व प्रशासन की यह धारा निर्बाध बहेगी तथा बिहार उत्पादनिक अभियान के चरम को अवश्य छुएगा।

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