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चनपटिया का चुनावी जोश: मनीष कश्यप का रोड शो, संगीत की लहर ।

चनपटिया का चुनावी जोश: मनीष कश्यप का रोड शो, संगीत की लहर ।

चनपटिया, 04 नवंबर 2025 – बिहार के पश्चिम चंपारण में चुनावी बिगुल बज चुका है। जन सुराज पार्टी के चनपटिया प्रत्याशी मनीष कश्यप ने आज एक भव्य रोड शो से इलाके को हिला दिया। ‘सन ऑफ बिहार’ के उपनाम से विख्यात यह सोशल मीडिया स्टार, जो यूट्यूब पर भ्रष्टाचार उजागर कर लाखों दिल जीत चुके हैं, अब जनता का सच्चा सिपाही बनकर मैदान में हैं। जन सुराज के टिकट पर उतरे मनीष, जिनका चुनाव चिन्ह ‘स्कूल का बस्ता’ है, ने मुसहरी, बैठनिया, पकड़ी सारिसवा, घोंघा, टिकुलिया और

कैथवलिया गांवों में ऐतिहासिक जुलूस निकाला। धूप से चमकती सड़कें, धूल उड़ाती वाहन जत्था, और ‘जय बिहार, मनीष कश्यप जिंदाबाद’ के नारों की गूंज – यह दृश्य चुनावी उत्सव का प्रतीक बन गया। हजारों समर्थक सड़कों पर उतर आए, मानो चनपटिया की धरती मनीष के स्वागत में नाच उठी हो।

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मनीष की लोकप्रियता की कहानी पुरानी है। सोशल मीडिया पर करोड़ों फॉलोअर्स के साथ वे बिहार के मुद्दों पर बेबाक बोलते रहे। 2020 में निर्दलीय होकर चनपटिया से लड़े, 9,000 से अधिक वोट पाए, लेकिन हार का कड़वा घूंट पीया। जुलाई 2025 में प्रशांत किशोर से जुड़ने के बाद उनका सपना साकार हुआ। नामांकन के दौरान उन्होंने वादा किया: “सत्ता में आते ही भ्रष्टाचार सात दिनों में जड़ से उखाड़ देंगे। बंद पड़ी चीनी मिलें चालू होंगी, स्टील प्लांट लगेगा, स्कूल-चिकित्सालय मजबूत होंगे। पांच सालों में चनपटिया बदलेगा।” आज के रोड शो में ये संकल्प फिर से गूंजे। मुसहरी की गलियों में प्रवेश करते ही लोग घरों से बाहर आ गए। महिलाएं टीका लगाकर आशीर्वाद बरसा रही थीं, बच्चे तिरंगे फहरा रहे थे। बैठनिया के खेतों में किसानों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। मनीष ने उनकी परेशानियां सुनी – पानी की कमी, बाढ़ का खतरा। “जन सुराज की सरकार बनेगी, तो चनपटिया समृद्ध होगा,” उन्होंने दृढ़ता से कहा। पकड़ी सारिसवा में युवाओं की भीड़ ने जोश भरी। घोंघा के बाजारों में दुकानदारों ने फूल मालाओं से सम्मानित किया।

रोड शो की जान गायिका जूही पांडे की भागीदारी बनी। बिहार के लोक संगीत को अपनी मधुर स्वरलहरियों से सजाने वाली जूही ने जुलूस को संगीतमय मोड़ दिया। घोंघा गांव में उन्होंने भोजपुरी लोकगीतों की धुनें छेड़ीं, जो छठ पूजा की मिठास से लबरेज थीं। चुनावी उमंग के साथ मिश्रित यह संगीत लोगों को नाचने पर मजबूर कर गया। स्मार्टफोन कैमरे चमक उठे, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे। टिकुलिया में जूही ने मनीष संग मंच पर उतरी। “मनीष भैया जैसे फौलादी इरादों वाले ही बिहार की दशा बदल सकते हैं। उनकी आवाज डिजिटल दुनिया से असली विधानसभा तक पहुंचेगी,” उन्होंने उत्साह से बोला। जूही का आकर्षण युवाओं और महिलाओं पर खास पड़ा। कैथवलिया बाजार में रुकते ही सैकड़ों ने सेल्फी की। उनका गीत ‘बिहार के लाल’ तो जैसे हृदयस्पर्शी बन गया – संगीत चुनावी तीर का निशाना साबित हुआ।

यह रोड शो केवल प्रचार नहीं, चनपटिया की पुकार था। यहां बीजेपी के उमाकांत सिंह और कांग्रेस के अभिषेक रंजन जैसे दावेदार हैं, मगर मनीष की ताजगी और जूही का सांस्कृतिक रंग मुकाबले को त्रासदीपूर्ण रोमांच दे रहा है। शाम होते ही जुलूस थमा, लेकिन जज्बा हवाओं में तैरता रहा। मनीष ने कहा, “यह आपकी विजय होगी। जन सुराज चनपटिया को नई उड़ान देगा।” बिहार का चुनावी परिदृश्य चटख रंगों से भर रहा है – जहां प्रसिद्धि, धुनें और दृढ़ता नया अध्याय लिख रही हैं। मनीष की लहर सफल होगी या नहीं, वोटिंग ही फैसला करेगी।

प्रशांत कुमार “प्रणय”

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